सागर। स्वर्गीय रामशंकर स्वरूप केसरवानी एवं उनकी धर्मपत्नी स्वर्गीय सरोजरानी केसरवानी की पावन स्मृति में संचालित राम सरोज समूह एक बार फिर सेवा और मानवता की मिसाल बनकर सामने आया है। समूह द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में 192 श्रद्धालुओं को भगवान जगन्नाथ पुरी की तीर्थयात्रा के टिकट वितरित किए गए। इस पूरी यात्रा का खर्च राम सरोज समूह द्वारा वहन किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को बिना किसी आर्थिक बोझ के पवित्र धाम के दर्शन का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं समाज के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। टिकट वितरण के दौरान श्रद्धालुओं के चेहरों पर उत्साह और प्रसन्नता साफ दिखाई दी। समूह की इस पहल की सभी ने सराहना करते हुए इसे समाज सेवा और धार्मिक आस्था को बढ़ावा देने वाला सराहनीय कदम बताया।
राम सरोज समूह का संचालन स्वर्गीय रामशंकर स्वरूप केसरवानी एवं स्वर्गीय सरोजरानी केसरवानी के तीन पुत्रों द्वारा किया जा रहा है। शैलेश केशरवानी ने बताया कि उनके माता-पिता की हमेशा यह इच्छा थी कि परिवार मानवता की सेवा और समाजहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाए। उन्हीं के आदर्शों और संस्कारों को आगे बढ़ाते हुए राम सरोज समूह लगातार जनकल्याण के विभिन्न कार्य कर रहा है।
उन्होंने बताया कि समूह केवल धार्मिक यात्राओं तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों में भी सक्रिय है। संस्था समय-समय पर स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, रोजगार, धार्मिक दर्शन एवं अन्य सामाजिक गतिविधियों का आयोजन करती है। इन प्रयासों का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों की सहायता करना और समाज में सेवा की भावना को मजबूत करना है।
आज आयोजित टिकट वितरण कार्यक्रम भी इसी सेवा भावना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। श्रद्धालुओं ने राम सरोज समूह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल से उन्हें भगवान जगन्नाथ के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा, जो कई लोगों के लिए आर्थिक कारणों से संभव नहीं हो पाता।
राम सरोज समूह की यह पहल न केवल धार्मिक आस्था को सशक्त करती है, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और मानवता का संदेश भी देती है। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे जनहितकारी कार्य अन्य सामाजिक संस्थाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेंगे।
ब्यूरो रिपोर्ट "द प्राइम एक्सप्रेस"
संवाददाता - अर्पित सेन
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