सागर। शहर की बिगड़ती यातायात व्यवस्था, नगर निगम की कमजोर वित्तीय स्थिति और वर्षों से लंबित विकास कार्यों को लेकर मंगलवार को जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की अहम समीक्षा बैठक हुई। बैठक में ऐसे कई फैसले लिए गए जो आने वाले दिनों में सीधे शहरवासियों और व्यापारियों को प्रभावित करेंगे। सबसे बड़ा निर्णय कटरा बाजार में सड़क किनारे लगने वाले हाथ-ठेलों को लेकर लिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि 21 जुलाई 2026 तक सभी हाथ-ठेला व्यवसायियों को निर्धारित हॉकर्स जोन में स्थानांतरित होना होगा, इसके बाद सड़क पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम सख्त कार्रवाई करेगी।
बैठक में नगर विधायक शैलेन्द्र जैन, महापौर संगीता तिवारी, नगर निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार, कलेक्टर प्रतिभा पाल और नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
नगर निगम की आय बढ़ाने पर फोकस
बैठक में नगर निगम की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की गई। तय किया गया कि जीआईएस मैपिंग के जरिए बड़ी संपत्तियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सर्वे कर वास्तविक संपत्ति कर निर्धारित किया जाएगा और बकाया कर की तेजी से वसूली की जाएगी।
साथ ही निगम के बढ़ते खर्चों पर नियंत्रण के लिए राजघाट परियोजना के बिजली बिल और रखरखाव लागत की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि बिजली खर्च कम करने के लिए सोलर पैनल लगाने की संभावनाएं तलाशें, एनर्जी ऑडिट कराया जाए और शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को भी ऊर्जा दक्ष (Energy Efficient) मॉडल पर परिवर्तित किया जाए।
आवास योजनाओं में देरी पर जताई नाराजगी
विधायक शैलेन्द्र जैन ने कनेरा देव (EWS) और मेनपानी आवास परियोजनाओं में लंबित आवंटन और मकानों के हस्तांतरण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन हितग्राहियों ने पूरी राशि जमा कर दी है और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उन्हें बिना देरी आवास का कब्जा सौंपा जाए।
ट्रांसपोर्ट नगर और मैकेनिक नगर परियोजना को मिलेगी रफ्तार
बैठक में स्मार्ट सिटी के अंतर्गत प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर और मैकेनिक नगर परियोजनाओं की समीक्षा भी हुई। अधिकारियों को टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए ताकि वर्षों से लंबित यह परियोजनाएं जल्द धरातल पर उतर सकें।
डेयरी संचालकों पर होगी सख्ती
शहर के भीतर संचालित डेयरियों को लेकर भी प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। जिन डेयरी संचालकों को भूखंड आवंटित होने और नोटिस मिलने के बावजूद उन्होंने डेयरी शिफ्ट नहीं की है, उनके आवंटन निरस्त कर जमा राशि राजसात करने तथा नए पात्र आवेदकों को भूखंड आवंटित करने के निर्देश दिए गए।
कटरा बाजार में अब नहीं चलेगी मनमानी
बैठक का सबसे अहम फैसला कटरा बाजार की यातायात व्यवस्था को लेकर रहा। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने नगर निगम को निर्देश दिए कि 21 जुलाई 2026 तक सभी हाथ-ठेला व्यवसायियों को हॉकर्स जोन में स्थानांतरित कराया जाए। साथ ही शहर के अन्य वार्डों में भी नए हॉकर्स जोन विकसित कर उन्हें जल्द क्रियाशील बनाया जाए।
प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि समय-सीमा समाप्त होने के बाद मुख्य मार्गों और कटरा बाजार में अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम जब्ती सहित सख्त वैधानिक कार्रवाई करेगी।
जनप्रतिनिधियों ने क्या कहा
महापौर संगीता तिवारी ने कहा कि नगर निगम को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और शहरवासियों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
वहीं नगर निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार ने कहा कि परिषद शहर के समग्र विकास, वित्तीय अनुशासन और जनसमस्याओं के समाधान के लिए लगातार कार्य कर रही है तथा सभी विकास कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है।
ब्यूरो रिपोर्ट "द प्राइम एक्सप्रेस"
संवाददाता — अर्पित सेन
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