सागर में शिक्षा विभाग में कलेक्टर का बड़ा एक्शन, औचक निरीक्षण में खुली लापरवाही की पोल !




सागर। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के बावजूद छात्रों तक निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें समय पर नहीं पहुंचने और शिक्षा विभाग के कई महत्वपूर्ण प्रकरणों के महीनों से लंबित रहने पर कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय का औचक निरीक्षण कर विभाग की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान सामने आई गंभीर लापरवाहियों पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए तीन जिम्मेदार अधिकारियों एवं प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि छात्र हित और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

किताब वितरण में बड़ी लापरवाही

निरीक्षण के दौरान सबसे गंभीर मामला निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों के वितरण का सामने आया। नया शिक्षा सत्र शुरू होने के बाद भी कई विद्यार्थियों तक किताबें नहीं पहुंच सकीं। इसे गंभीर प्रशासनिक चूक मानते हुए कलेक्टर ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी (सागर) और पाठ्यपुस्तक वितरण प्रभारी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि छात्रों की पढ़ाई किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए और सभी विद्यार्थियों को समय पर पुस्तकें उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।


वर्षों से लंबित विभागीय जांच पर कड़ा रुख

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने विभागीय जांच से जुड़े अभिलेखों का भी बारीकी से परीक्षण किया। इस दौरान कई जांच प्रकरण लंबे समय से लंबित पाए गए। इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने विभागीय जांच (सतर्कता शाखा) प्रभारी के खिलाफ भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि संवेदनशील मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखना गंभीर लापरवाही है और भविष्य में ऐसी स्थिति स्वीकार नहीं की जाएगी।

शिक्षकों के लंबित भुगतान जल्द करने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने शिक्षकों और कर्मचारियों से जुड़े लंबित वित्तीय मामलों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि—

चिकित्सा प्रतिपूर्ति के प्रकरण,

एरियर भुगतान,

जीपीएफ/डीपीएफ आहरण,

अन्य स्वत्वों का भुगतान


समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए ताकि कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।


पदोन्नति और वेतनमान के मामलों पर भी सख्ती

कलेक्टर ने स्थापना शाखा को निर्देशित किया कि कर्मचारियों की क्रमोन्नति, पदोन्नति, समयमान वेतनमान और अन्य लंबित सेवा संबंधी मामलों का पात्रता के अनुसार शीघ्र निराकरण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के वैधानिक अधिकारों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

लैपटॉप और स्कूटी वितरण का होगा भौतिक सत्यापन

बैठक में शिक्षा विभाग के माध्यम से वितरित किए जाने वाले लैपटॉप और स्कूटी की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्थापना शाखा और आईटी सेल को निर्देश दिए कि वितरित सामग्री और शेष स्टॉक का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन किया जाए तथा सभी रिकॉर्ड शासकीय पोर्टल पर अपडेट किए जाएं।

सीएम हेल्पलाइन और आरटीआई मामलों का जल्द निपटारा

कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन, आरटीआई आवेदन और लेखा परीक्षा से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी शिकायतों और प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों और कर्मचारियों से जुड़े मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखना स्वीकार्य नहीं है।

अधिकारियों को अंतिम चेतावनी

निरीक्षण के अंत में कलेक्टर प्रतिभा पाल ने दो टूक कहा कि शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार दिखाई देना चाहिए। छात्र हित, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक जिम्मेदारियों में किसी भी स्तर की शिथिलता अब बर्दाश्त नहीं होगी। यदि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा सामने आई तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक केवी, जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

ब्यूरो रिपोर्ट "द प्राइम एक्सप्रेस"
संवाददाता — अर्पित सेन 
7806077338

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