हितग्राही मूलक योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पर प्रशासन सख्त, लंबित प्रकरणों और कामकाज में उदासीनता को लेकर की गई कार्रवाई
सागर। जिले में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले पटवारियों पर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने सख्त कार्रवाई की है। हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में लापरवाही और उदासीनता के मामलों को गंभीरता से लेते हुए 13 पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की कार्रवाई की गई है। वहीं, 137 अन्य पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से राजस्व विभाग में हड़कंप की स्थिति है।
शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य पात्र हितग्राहियों और किसानों तक समय पर सहायता पहुंचाना है। इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में राजस्व अमले की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में यदि संबंधित कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन समय पर नहीं करते, तो इसका सीधा असर आम नागरिकों को मिलने वाली सुविधाओं पर पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने लापरवाही के मामलों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
समीक्षा और निरीक्षण में सामने आई लापरवाही
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा बैठकों और मैदानी स्तर पर कार्यों के निरीक्षण के दौरान अनियमितताओं तथा लंबित प्रकरणों को लेकर कार्रवाई की गई। योजनाओं से जुड़े कार्य समय पर पूरे नहीं होने और पात्र लोगों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पटवारियों के खिलाफ कदम उठाया गया।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने स्पष्ट किया है कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से होना चाहिए। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
इन 13 पटवारियों पर हुई निलंबन की कार्रवाई
प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, निलंबित किए गए पटवारियों में सागर ग्रामीण तहसील के ग्राम मोठी की पटवारी मीना खैरवार और ग्राम भौंहारी की पटवारी लक्ष्मी जाटव शामिल हैं। इसके अलावा गढ़ाकोटा तहसील के बमनोदा क्षेत्र में पदस्थ अखिलेश दीक्षित पर भी कार्रवाई की गई है।
केसली तहसील के राजकुमार गौड़ और परिवीक्षाधीन पटवारी भूपेन्द्र राज को भी निलंबित किया गया है। खुरई तहसील के विनायठा राजस्व निरीक्षक मंडल में पदस्थ अजय श्रीवास्तव तथा खिमलासा राजस्व निरीक्षक मंडल के गोविन्द राय के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है।
इसी क्रम में मालथौन तहसील के पुष्पेन्द्र भदौरिया और महेन्द्र अर्गल, बांदरी तहसील के परिवीक्षाधीन पटवारी योगेन्द्र प्रताप, बंडा क्षेत्र के पटवारी दिलीप राजा और अभिषेक कोरी तथा रहली तहसील के जूना क्षेत्र में पदस्थ ब्रजेंद्र रावत को निलंबित किए जाने की जानकारी दी गई है।
137 पटवारियों को नोटिस, जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई
निलंबन के साथ ही जिले के 137 अन्य पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इन कर्मचारियों से संबंधित मामलों में जवाब मांगा गया है। नोटिस जारी होने के बाद संबंधित पटवारियों को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी। उनके जवाब और प्रकरणों के तथ्यों के आधार पर प्रशासन आगे की कार्रवाई कर सकता है।
आम जनता को राहत पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता
कलेक्टर की इस कार्रवाई को शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, कार्रवाई का वास्तविक असर इस बात से तय होगा कि पात्र हितग्राहियों के लंबित काम कितनी जल्दी पूरे होते हैं और उन्हें योजनाओं का लाभ समय पर मिल पाता है या नहीं।
प्रशासन की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि जनकल्याणकारी योजनाओं में लापरवाही करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि नोटिस पाने वाले 137 पटवारियों के जवाब के बाद क्या कदम उठाए जाते हैं और जिले में राजस्व संबंधी कार्यों तथा हितग्राही मूलक योजनाओं के क्रियान्वयन में कितना सुधार आता है।
ब्यूरो रिपोर्ट "द प्राइम एक्सप्रेस"
संवाददाता — अर्पित सेन
7806077338

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