सागर। जिले के शाहगढ़ वन परिक्षेत्र में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंची वन विभाग की टीम पर हमला किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम निवाही में बीला बांध के पास हुई इस घटना में डिप्टी रेंजर शैलेन्द्र तिवारी और वनकर्मी नारायण पलया घायल हो गए। हमले के दौरान डिप्टी रेंजर के सिर में गंभीर चोट आई है। दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना के बाद वन विभाग के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शाहगढ़ वन परिक्षेत्र के ग्राम निवाही में बीती रात वन विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि कुछ ग्रामीण रात के अंधेरे में ट्रैक्टर की मदद से वन भूमि पर जुताई कर रहे हैं। सूचना में वन भूमि पर अवैध रूप से कृषि गतिविधियां किए जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने का निर्णय लिया।
सूचना मिलने पर डिप्टी रेंजर शैलेन्द्र तिवारी वन विभाग के अन्य कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने वन भूमि पर चल रही गतिविधियों को रोकने और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। बताया जा रहा है कि इसी दौरान मौके पर मौजूद लोगों और वन विभाग की टीम के बीच विवाद शुरू हो गया। वन भूमि पर कार्रवाई को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते उग्र हो गया।
डंडों और पत्थरों से किया हमला
आरोप है कि कार्रवाई से नाराज लोगों ने वन विभाग की टीम पर डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। अचानक हुए हमले के कारण कर्मचारियों को संभलने का मौका नहीं मिला। हमले में डिप्टी रेंजर शैलेन्द्र तिवारी के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि वनकर्मी नारायण पलया भी घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हमले के बाद आरोपी कथित तौर पर ट्रैक्टर लेकर मौके से फरार हो गए। वन विभाग की टीम पर हुए इस हमले ने क्षेत्र में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
जिला अस्पताल रेफर किए गए घायल कर्मचारी
घटना के बाद घायल वनकर्मियों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। डिप्टी रेंजर शैलेन्द्र तिवारी के सिर में गंभीर चोट होने के चलते उन्हें और वनकर्मी नारायण पलया को बेहतर उपचार के लिए सागर जिला अस्पताल रेफर किया गया। दोनों कर्मचारियों का उपचार किया जा रहा है। घटना की जानकारी सामने आने के बाद वन विभाग के अमले में चिंता का माहौल है।
वन विभाग के कर्मचारी वन भूमि पर अवैध कब्जे और अन्य गतिविधियों को रोकने के लिए कार्रवाई करने मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान टीम पर हमला होने की घटना सामने आई है। सरकारी कार्यवाही के दौरान कर्मचारियों के साथ मारपीट का यह मामला गंभीर माना जा रहा है।
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
फिलहाल घटना में शामिल बताए जा रहे आरोपी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है। मामले में आगे की कार्रवाई आरोपियों की पहचान, घटना की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। हालांकि, आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले में दर्ज प्रकरण को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
इस घटना ने एक बार फिर वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के दौरान उत्पन्न होने वाले विवादों और मौके पर तैनात वनकर्मियों की सुरक्षा के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में घटना के संबंध में क्या तथ्य सामने आते हैं और हमले में शामिल लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।
ब्यूरो रिपोर्ट "द प्राइम एक्सप्रेस"
संवाददाता — अर्पित सेन
7806077338

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