सागर। जिले के महाराजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम श्रीनगर में बुधवार को खेत में काम करने गए मजदूरों के साथ दर्दनाक हादसा हो गया। खेत की सुरक्षा के लिए लगाई गई झटका मशीन की तार फेंसिंग में प्रवाहित करंट की चपेट में आने से 20 वर्षीय मजदूर राजू पिता देवी सिंह गौड़ की मौत हो गई। राजू को बचाने पहुंचे उसके साथी मजदूर भी करंट की चपेट में आ गए। घटना के बाद सभी को उपचार के लिए देवरी अस्पताल ले जाया गया।
जानकारी के अनुसार बुधवार को राजू गौड़ सहित अन्य मजदूर खेत में मजदूरी करने गए थे। दिनभर काम करने के बाद जब मजदूर छुट्टी होने पर खेत की मेड़ की ओर पहुंचे, तभी राजू का हाथ झटका मशीन से जुड़ी तार फेंसिंग के संपर्क में आ गया। तार में करंट प्रवाहित होने के कारण राजू को जोरदार बिजली का झटका लगा और वह वहीं गिर पड़ा।
राजू को करंट की चपेट में देखकर उसके साथी मजदूर उसे बचाने के लिए दौड़े। बचाने के प्रयास में सौरभ काछी, कमलेश, तेजबल, विकास, अभिषेक सहित अन्य मजदूरों को भी बिजली के झटके लगे। अचानक हुए हादसे से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। किसी तरह राजू को तार से अलग किया गया और सभी मजदूरों को तत्काल देवरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने सभी मजदूरों का चेकअप किया। करंट की चपेट में आए अन्य मजदूरों की हालत सामान्य पाए जाने पर उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। वहीं राजू की जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
राजू की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। बताया जा रहा है कि राजू अपने परिवार का इकलौता बेटा था और मजदूरी करके परिवार का सहारा बना हुआ था। अचानक हुई मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतक के पिता देवी सिंह गौड़ ने आरोप लगाया कि खेत में लगी झटका मशीन की फेंसिंग में दिन के समय भी करंट प्रवाहित किया जा रहा था। उनका कहना है कि यदि दिन में फेंसिंग का करंट बंद रखा जाता तो संभवतः यह हादसा टल सकता था। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
घटना की सूचना मिलते ही महाराजपुर थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी। पुलिस टीम देर शाम देवरी पहुंची और शव का पंचनामा बनाया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि झटका मशीन किसकी थी और किन परिस्थितियों में फेंसिंग में करंट प्रवाहित किया जा रहा था।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी तय हो सकेगी। इस घटना ने खेतों में लगाई जाने वाली झटका मशीनों के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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