ChatGPT से कथित नकल करने के मामले ने पकड़ा तूल, प्रकरण पर NSUI ने निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर कुलपति को सौंपा ज्ञापन !

 




सागर, 31 जुलाई 2026।
उच्च शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते उपयोग के बीच परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) सागर ने सतपुड़ा कॉलेज, छिंदवाड़ा में परीक्षा के दौरान ChatGPT AI के माध्यम से कथित नकल किए जाने के मामले में निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है। इसी मांग को लेकर शुक्रवार को NSUI के जिला अध्यक्ष अक्षत कोठारी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय, सागर के कुलपति को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में कहा गया कि यदि परीक्षा के दौरान आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दुरुपयोग कर नकल की गई है, तो यह केवल एक कॉलेज या परीक्षा केंद्र का मामला नहीं है, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। संगठन का कहना है कि जो विद्यार्थी मेहनत और ईमानदारी से परीक्षा देते हैं, उनके साथ इस प्रकार की घटनाएं अन्याय हैं और इससे उनकी मेहनत का महत्व कम होता है।

NSUI ने मांग की है कि पूरे मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि बिना पर्याप्त साक्ष्यों के किसी निर्दोष छात्र के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

ज्ञापन में विश्वविद्यालय प्रशासन से यह भी आग्रह किया गया कि भविष्य में AI आधारित तकनीकों के दुरुपयोग को रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली में आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक सुधार किए जाएं। परीक्षा केंद्रों पर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाए, डिजिटल उपकरणों के उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए तथा ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए जिससे आधुनिक तकनीक का गलत इस्तेमाल समय रहते पकड़ा जा सके।

इस दौरान जिला अध्यक्ष अक्षत कोठारी ने कहा कि NSUI हमेशा छात्रों के अधिकारों, शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली के लिए संघर्ष करती रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर परीक्षा की शुचिता से समझौता हुआ है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होना जरूरी है। छात्रों के भविष्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा और संगठन इस मुद्दे को गंभीरता से उठाता रहेगा।

फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से ज्ञापन प्राप्त कर मामले पर नियमानुसार विचार करने का आश्वासन दिया गया है। अब छात्रों और शिक्षकों की नजर इस बात पर टिकी है कि कथित AI आधारित नकल प्रकरण की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रशासन क्या कदम उठाता है।


ब्यूरो रिपोर्ट "द प्राइम एक्सप्रेस"

संवाददाता — अर्पित सेन 

7806077338

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