सागर — जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में मंगलवार को एक ऐसा मामला सामने आया जिसने किसानों की सुरक्षा और पुलिस की कार्यप्रणाली दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। ग्राम गडोला जागीर निवासी 80 वर्षीय किसान जागेश्वर प्रसाद साहू ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि उनकी हरी-भरी सोयाबीन की खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चलाकर उसे पूरी तरह बर्बाद कर दिया गया। किसान का कहना है कि जिस फसल को तैयार करने में महीनों की मेहनत, पसीना और पूंजी लगी थी, उसे कुछ ही मिनटों में उजाड़ दिया गया।
पीड़ित किसान के अनुसार 17 जुलाई की रात भगवानदास साहू और इमरत राजपूत ने महिंद्रा ट्रैक्टर से उनकी फसल जोत दी। आरोप है कि यह सब जमीन पर जबरन कब्जा करने की नीयत से किया गया। जब किसान और उनके परिजनों ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि किसान का आरोप है कि 18 जुलाई को वह शिकायत लेकर खुरई ग्रामीण थाना पहुंचे, लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बजाय केवल आवेदन लेकर पावती थमा दी। पीड़ित का दावा है कि पहले भी कई शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर शिकायतों के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
ज्ञापन में यह भी बताया गया है कि संबंधित भूमि का विवाद न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद खड़ी फसल को ट्रैक्टर से जोतकर नुकसान पहुंचाने और कब्जे की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है।
अब पीड़ित किसान ने जिला कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपियों भगवानदास साहू और इमरत राजपूत के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई तथा तत्काल एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।
ब्यूरो रिपोर्ट "द प्राइम एक्सप्रेस"
संवाददाता — अर्पित सेन
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