सागर के कर्रापुर में जर्जर मकान बना मौत का जाल, 21 वर्षीय युवती मलबे में दबी!

सागर। नगर परिषद कर्रापुर के वार्ड क्रमांक 12 में आधी रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक रिहायशी मकान अचानक भरभराकर ढह गया। मकान के अंदर मौजूद 21 वर्षीय युवती मलबे में दब गई, जिससे पूरे मोहल्ले में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों की तत्परता और साहस के चलते युवती को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि युवती के सिर में चोट आई है और उसका प्राथमिक उपचार कराया गया।


प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मकान गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। लोगों ने बिना किसी इंतजार के अपने स्तर पर राहत कार्य शुरू किया और मलबा हटाकर युवती को बाहर निकाला। यदि कुछ मिनट और देर हो जाती, तो यह हादसा जानलेवा साबित हो सकता था।

घटना के बाद पूरे वार्ड में दहशत का माहौल है। हादसे में मकान पूरी तरह जमींदोज हो गया और घर का सामान भी मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गया। पीड़ित परिवार का कहना है कि अब उनके सामने रहने का भी संकट खड़ा हो गया है।


इस घटना के बाद नगर परिषद कर्रापुर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इतनी बड़ी दुर्घटना के बावजूद काफी देर तक नगर परिषद का कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। लोगों का कहना है कि यदि जर्जर मकानों का समय रहते सर्वे कर आवश्यक कार्रवाई की जाती, तो इस तरह का हादसा टाला जा सकता था।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जर्जर भवनों की तत्काल जांच कराई जाए, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए और इस मामले में नगर परिषद की लापरवाही की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।


फिलहाल इस घटना ने नगर परिषद की व्यवस्थाओं पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब लोगों की जान खतरे में थी, तब जिम्मेदार अधिकारी आखिर मौके से गायब क्यों रहे? यही सवाल अब पूरे कर्रापुर में चर्चा का विषय बना हुआ है।


ब्यूरो रिपोर्ट "द प्राइम एक्सप्रेस"
रिपोर्टर — नितेंद्र राजपूत 
7470859501

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