सागर। वेदांती आश्रम परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता में परम पूज्य गुरुदेव श्री रावतपुरा सरकार ने आगामी 29 जुलाई की गुरु पूर्णिमा को होने वाले माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कामकुमार्चन लक्ष्मी प्राप्ति महाअनुष्ठान की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष की गुरु पूर्णिमा अत्यंत दुर्लभ एवं शुभ ग्रह योग के साथ आ रही है, जिससे यह दिन साधना, जप, अर्चन और देवी उपासना के लिए विशेष फलदायी माना जा रहा है।
परम पूज्य गुरुदेव ने बताया कि इस दिव्य अवसर पर माँ ललिता त्रिपुरसुन्दरी एवं माँ राजराजेश्वरी के श्रीचरणों में एक करोड़ हरिद्रा (हल्दी) एवं कुमकुम से अर्चन किया जाएगा। यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि विश्व शांति, सुख-समृद्धि, लक्ष्मी कृपा और सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन का सामूहिक संकल्प है।
उन्होंने कहा कि माँ राजराजेश्वरी की आराधना एवं इस महाअर्चन में सहभागिता करने वाले श्रद्धालुओं के जीवन में आध्यात्मिक ऊर्जा, सकारात्मकता तथा देवी की विशेष कृपा का अनुभव होता है। वहीं इस दिव्य अर्चन के दर्शन मात्र से भी व्यक्ति के अंतर्मन में शांति, श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना का संचार होता है।
पत्रकार वार्ता में बताया गया कि इस महाअनुष्ठान में लगभग एक लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। देश के विभिन्न राज्यों से भक्त बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। लगभग 20 एकड़ क्षेत्र में इस विशाल आयोजन की भव्य व्यवस्था की गई है। 1100 विद्वान वैदिक आचार्य एवं पंडित वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अनुष्ठान संपन्न कराएंगे। आयोजकों का दावा है कि यह आयोजन विश्व के सबसे बड़े सामूहिक शक्तिपूजन आयोजनों में से एक होगा।
आयोजन की विशेष बात यह है कि संपूर्ण व्यवस्था निःशुल्क रहेगी। श्रद्धालुओं के लिए भोजन, दर्शन, पूजन एवं अन्य सुविधाओं की व्यापक तैयारी की गई है।
अनुष्ठान में उपयोग होने वाली पूजन सामग्री भी अपने आप में अद्भुत है। इसमें लगभग 100 क्विंटल हल्दी, सवा लाख बूंदी लड्डू, 11 टन चारियल, 15 हजार चुनरियाँ, 1100 साड़ियाँ, 1100 चांदी के सिक्के, 1100 सोने के सिक्के, 11 हजार बताशे, 11 क्विंटल पेठा, एक लाख बीड़ा पान, एक लाख खुला पान, 11 क्विंटल किशमिश, 5 क्विंटल आम तथा 11 हजार कमल पुष्प सहित विशाल मात्रा में पूजन सामग्री अर्पित की जाएगी।
परम पूज्य गुरुदेव श्री रावतपुरा सरकार ने देशभर के श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे इस दिव्य महाअनुष्ठान में सहभागी बनकर माँ राजराजेश्वरी का आशीर्वाद प्राप्त करें और विश्व कल्याण के इस महान आध्यात्मिक संकल्प का हिस्सा बनें। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल गुरु वंदन का पर्व नहीं, बल्कि आत्मिक उन्नति, शक्ति साधना और मानव कल्याण के लिए समर्पित दिव्य अवसर है। यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति और सनातन परंपरा की विराट झलक प्रस्तुत करेगा।
ब्यूरो रिपोर्ट "द प्राइम एक्सप्रेस"
संवाददाता — अर्पित सेन
7806077338



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