सागर, 12 अगस्त 2026।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर सागर जिला प्रशासन और परिवहन विभाग ने अब सख्त रुख अपना लिया है। कलेक्टर के निर्देश पर बुधवार को शहरी क्षेत्र में स्कूल बसों और अन्य स्कूली वाहनों के खिलाफ सघन चैकिंग अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान बिना फिटनेस प्रमाण पत्र के स्कूली बच्चों को लेकर संचालित एक स्कूल बस को जब्त कर लिया गया। जब्त वाहन को परिवहन कार्यालय परिसर में सुरक्षार्थ खड़ा कराया गया है।
चैकिंग अभियान के दौरान कुल 12 स्कूली एवं अन्य वाहनों की जांच की गई। जांच में अधिकांश स्कूल बसें निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित होती मिलीं, जिससे लगातार की जा रही कार्रवाई का असर दिखाई देने लगा है। हालांकि, एक वाहन के बिना फिटनेस बच्चों को ढोते मिलने से परिवहन विभाग की सख्ती की जरूरत भी साफ नजर आई।
रास्ता बदलकर निकलने की कोशिश, जांच दल ने घेरा
अभियान के दौरान कुछ वाहन चालकों ने चैकिंग से बचने के लिए रास्ता बदलकर निकलने का प्रयास किया। लेकिन जांच दल ने मुस्तैदी दिखाते हुए ऐसे वाहनों को भी जांच के दायरे में लिया। दस्तावेज और वाहन की स्थिति की जांच के दौरान कमी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई।
परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से स्कूल वाहन संचालकों में हड़कंप की स्थिति रही। विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि बच्चों की जान की कीमत पर नियमों से समझौता नहीं किया जाएगा।
पहले से जब्त चार वाहनों पर भी बड़ी कार्रवाई
परिवहन विभाग के अनुसार पूर्व में जब्त किए गए चार वाहनों—तीन स्कूल बस और एक मैक्सी कैब—पर मोटरयान अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए कुल 1,02,500 रुपये का जुर्माना वसूल किया गया है।
यानी विभाग की कार्रवाई केवल चैकिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि नियमों का उल्लंघन मिलने पर वाहन जब्ती और आर्थिक दंड तक की कार्रवाई लगातार की जा रही है।
LPG किट वाले वाहनों से बच्चों को स्कूल भेजने से बचें
बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने अभिभावकों से भी महत्वपूर्ण अपील की है। अभिभावकों से कहा गया है कि वे बच्चों को ऐसे स्कूली वाहन में न भेजें, जो LPG गैस किट से संचालित हो अथवा अनफिट दिखाई देता हो।
विभाग ने स्कूल प्रबंधन को भी जिम्मेदारी निभाने की हिदायत दी है। सागर जिले के सभी स्कूल प्रबंधनों से कहा गया है कि वे अपनी संस्था में ऐसे वाहनों को प्रवेश न दें, जिनमें गैस किट लगाकर बच्चों का परिवहन किया जा रहा है।
स्कूल बसों के लिए नियमों का पालन अनिवार्य
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने सभी स्कूल बस संचालकों को स्पष्ट हिदायत दी है कि वे माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप स्कूल बसों का संचालन सुनिश्चित करें। वाहन में स्पीड गवर्नर, सुरक्षित एवं उचित कंडीशन, वैध बीमा, फिटनेस प्रमाण पत्र, प्रदूषण प्रमाण पत्र, मोटरयान कर भुगतान का प्रमाण, फर्स्ट एड बॉक्स और अग्निशमन यंत्र उपलब्ध होना आवश्यक है।
इसके साथ ही चालक के पास वैध हैवी ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए और निर्धारित गणवेश में ही स्कूल वाहन का संचालन किया जाना चाहिए। बस में उसकी निर्धारित बैठक क्षमता के अनुसार ही छात्र-छात्राओं को बैठाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अगली चैकिंग में मिली कमी तो सीधे कार्रवाई
परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूल वाहन संचालकों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। चैकिंग के दौरान यदि निर्धारित सुरक्षा मानकों, दस्तावेजों अथवा वाहन की फिटनेस में कमी पाई जाती है तो संबंधित वाहन के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्कूली वाहनों पर लगातार हो रही इस कार्रवाई से यह संदेश साफ है कि बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ अब महंगा पड़ेगा। विभाग की सख्ती के बाद जहां अधिकांश स्कूल बस संचालक नियमों का पालन करते नजर आ रहे हैं, वहीं बिना फिटनेस और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संचालकों पर कार्रवाई का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है।
बच्चों को सुरक्षित स्कूल पहुंचाना केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि स्कूल प्रबंधन, वाहन संचालकों और अभिभावकों की भी साझा जिम्मेदारी है।

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