सागर में सनातन आस्था और भक्ति का संदेश लेकर निकली कावड़ यात्रा, मंत्री राजपूत ने किया भव्य स्वागत !

 



सागर, 17 अगस्त 2026। सावन के पावन अवसर पर तुलसी फाउंडेशन के तत्वावधान में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली भव्य कावड़ यात्रा सोमवार को श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में सागर पहुंची। मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर लौट रहे एक हजार से अधिक कावड़ यात्रियों का जिला पंचायत कार्यालय के सामने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने आत्मीयता और श्रद्धाभाव के साथ स्वागत किया। मंत्री ने कावड़ यात्रियों को पुष्पहार पहनाकर उनका अभिनंदन किया और पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए भोजन-प्रसादी की व्यवस्था भी की गई।

कावड़ यात्रियों के स्वागत के बाद मंत्री गोविंद सिंह राजपूत स्वयं कंधे पर कावड़ लेकर श्रद्धालुओं के साथ पैदल चले। उनके साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी मां नर्मदा के जल से भरी कावड़ लेकर आगे बढ़े। यात्रा के दौरान ‘हर-हर महादेव’, ‘बोल बम’ और ‘जय भोलेनाथ’ के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। सनातन धर्म की ध्वजा के साथ निकली यात्रा ने क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और आस्था का माहौल बना दिया।



मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि कावड़ यात्रा सनातन संस्कृति, आस्था और धार्मिक परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। प्रत्येक कावड़ यात्री सनातन धर्म का रक्षक और सशक्त प्रहरी है। उन्होंने कहा कि ऐसी धार्मिक यात्राएं समाज को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का काम करती हैं। विशेष रूप से युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, देवी-देवताओं और धार्मिक संस्कारों से परिचित कराने में इन आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति ने सदैव मानवता, सेवा, सद्भाव और संस्कारों का मार्ग दिखाया है। धार्मिक आयोजन समाज में एकता, भाईचारे और सेवा की भावना को मजबूत करते हैं। कावड़ यात्रा श्रद्धालुओं को अनुशासन, संयम, त्याग और भगवान के प्रति समर्पण का संदेश देती है।

कावड़ यात्रियों की सुविधा के लिए मंत्री की ओर से सुरखी स्थित मंगल भवन में पहले से ही ठहरने और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था कराई गई थी। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए भोजन सहित अन्य व्यवस्थाओं का भी ध्यान रखा गया। जिला पंचायत कार्यालय के सामने पहुंचने पर मंत्री ने स्वयं श्रद्धालुओं के बीच पहुंचकर उनका स्वागत किया और भोजन वितरण की व्यवस्था कराई।

कावड़ यात्रा में श्रद्धालु मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर भगवान भोलेनाथ के अभिषेक के लिए रवाना हुए थे। कंधे पर कावड़ लेकर लंबी दूरी तय करना उनके संकल्प, त्याग और भक्ति का प्रतीक रहा। श्रद्धालुओं ने मार्गभर धार्मिक जयघोष करते हुए अपनी आस्था व्यक्त की। मां नर्मदा के जल को भगवान शिव को अर्पित करने की परंपरा सनातन धार्मिक आस्था में विशेष महत्व रखती है।



तुलसी फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस यात्रा में युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रही। मंत्री राजपूत ने आयोजन के लिए तुलसी फाउंडेशन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को बधाई दी और कावड़ यात्रियों की सेवा में जुटे सभी लोगों की सराहना की।

इस अवसर पर कावड़ यात्रा संयोजक हरिराम ठाकुर, अध्यक्ष प्रदीप राजोरिया, अनिल दुबे, पहलाद रैकवार, पप्पू तिवारी, असंख्य दुबे, अंकित दीक्षित, लोकेश दीक्षित, आलोक तिवारी, अनिल सैनी, गिरीशकांत तिवारी, एडवोकेट राजेश मिश्रा, मनीष नेम, मनमोहन रैकवार, रवि सिंह ठाकुर, योगेश नेम सहित फाउंडेशन के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक भी उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष गूंजते रहे।


ब्यूरो रिपोर्ट 'द प्राइम एक्सप्रेस' 

संवाददाता - अर्पित सेन 

7806077338

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