महार रेजिमेंट के रेजिमेंटल बैंड ने दी मनमोहक प्रस्तुति, देशभक्ति के रंग में रंगा झील का तट
सागर, 12 अगस्त 2026। लाखा बंजारा झील का मनोरम तट बुधवार शाम देशभक्ति के सुरों से गूंज उठा। महार रेजिमेंट के रेजिमेंटल बैंड ने झील के खूबसूरत वातावरण में शानदार संगीतमय प्रस्तुति देकर सागरवासियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बैंड की जोशीली मार्शल धुनों और देशभक्ति गीतों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों में राष्ट्रप्रेम और गौरव की भावना को और प्रबल कर दिया।
यह विशेष आयोजन ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने तथा देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित समारोहों की श्रृंखला का हिस्सा था। कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय पर्वों के प्रति जनभावना को मजबूत करने के साथ-साथ भारतीय सेना और आम नागरिकों के बीच संवाद एवं जुड़ाव को और सुदृढ़ करना रहा।
देशभक्ति की धुनों से गूंजा झील का तट
महार रेजिमेंट के रेजिमेंटल बैंड के जवानों ने अनुशासित और प्रभावशाली अंदाज में विभिन्न मार्शल एवं देशभक्ति धुनों की प्रस्तुति दी। जैसे-जैसे बैंड की धुनें झील के शांत वातावरण में गूंजती गईं, कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों में उत्साह का संचार होता गया। झील की प्राकृतिक सुंदरता और सैन्य बैंड की शानदार प्रस्तुति ने पूरे आयोजन को विशेष बना दिया।
बैंड के जवानों की एकरूपता, अनुशासन और वादन की शानदार शैली दर्शकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। देशभक्ति से ओतप्रोत धुनों के दौरान वातावरण में राष्ट्रगौरव की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। बड़ी संख्या में उपस्थित आमजन ने कार्यक्रम का आनंद लिया और बैंड के कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना की।
सेना और नागरिकों के बीच जुड़ाव का संदेश
कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय सेना ने आम नागरिकों के साथ अपने गहरे संबंध और सामाजिक जुड़ाव को भी रेखांकित किया। सैन्य बैंड की प्रस्तुति केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसके माध्यम से सेना की परंपरा, अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना को आमजन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
महार रेजिमेंट की समृद्ध सैन्य और रेजिमेंटल विरासत का प्रदर्शन भी इस आयोजन की विशेषता रहा। बैंड की प्रस्तुति ने दर्शकों को सैन्य जीवन के अनुशासन और देश के प्रति समर्पण की भावना से परिचित कराया।
‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष का उत्सव
‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में इस राष्ट्रीय गीत से जुड़ी देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को विशेष रूप से अभिव्यक्त किया गया। कार्यक्रम ने राष्ट्रगौरव, एकता और देश के प्रति नागरिकों के दायित्व की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।
वहीं, स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों की कड़ी में यह आयोजन नागरिकों को राष्ट्रीय पर्व से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा। झील के तट पर सैन्य बैंड की प्रस्तुति ने स्वतंत्रता दिवस के उत्सव की भावना को और अधिक जीवंत बना दिया।
परिवारजनों सहित मौजूद रहे सैन्य अधिकारी
कार्यक्रम में डिप्टी कमांडेंट कर्नल संजय जोशी, एमआरसी सागर सहित महार रेजिमेंट के सैनिकों के परिवारजन तथा बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। सैन्य परिवारों और नागरिकों ने बैंड की प्रस्तुति को उत्साहपूर्वक देखा और देशभक्ति की धुनों का आनंद लिया।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों के लिए यह आयोजन मनोरंजन के साथ-साथ राष्ट्रसेवा में भारतीय सेना की भूमिका और सैन्य परंपराओं को करीब से अनुभव करने का अवसर भी बना। कार्यक्रम के समापन तक लाखा बंजारा झील का वातावरण देशभक्ति और राष्ट्रगौरव की भावना से सराबोर रहा।
भारतीय सेना की इस जनसंपर्क एवं जनभागीदारी पहल ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि सेना और नागरिकों के बीच संबंध केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण, राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति की साझा भावना से भी जुड़े हुए हैं। लाखा बंजारा झील के तट पर गूंजती सैन्य बैंड की धुनों ने सागरवासियों के लिए इस शाम को यादगार बना दिया।
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