सागर। सागर कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान ग्राम किशनपुरा के छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने टोल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि गांव से होकर गुजरने वाले पुराने सागर-बीना मार्ग क्रमांक 26(आ) को बार-बार बिना किसी पूर्व सूचना के बंद कर दिया जाता है, जिससे हजारों लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों और विद्यार्थियों का आरोप है कि टोल प्रबंधन जानबूझकर इस रास्ते को बंद करता है। उनका कहना है कि यदि पुराना मार्ग चालू रहता है तो बड़ी संख्या में वाहन उसी रास्ते से निकलते हैं, जिससे टोल प्लाजा की आय प्रभावित होती है। इसी वजह से कथित तौर पर मार्ग को बंद कर दिया जाता है ताकि सभी वाहन मजबूरन टोल प्लाजा से होकर गुजरें और टोल शुल्क का भुगतान करें।
इसका सबसे अधिक असर छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा है। किशनपुरा से जरूआखेड़ा, नरयावली और अन्य क्षेत्रों में पढ़ाई करने जाने वाले विद्यार्थियों को बाईपास टोल तक पहुंचकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। छात्राओं ने आरोप लगाया कि वहां कई बार असामाजिक तत्व खड़े रहते हैं, जो उन पर अभद्र टिप्पणियां करते हैं और अशोभनीय हरकतें करते हैं। इससे छात्राओं में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
विद्यार्थियों का कहना है कि रोजाना होने वाली इस परेशानी के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई बार बसें नहीं मिलने पर स्कूल और कॉलेज भी छूट जाते हैं। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि रास्ता बंद होने से स्थानीय व्यापार, रोजगार और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।
जनसुनवाई में ग्रामीणों ने मांग की कि पुराने आम रास्ते को तत्काल खोला जाए, नियमित बस संचालन सुनिश्चित किया जाए तथा टोल प्रबंधन द्वारा की जा रही कथित मनमानी की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। इस संबंध में सीएम हेल्पलाइन 181 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है।
अब सवाल यह है कि क्या आम जनता की सुविधा से बड़ा टोल का मुनाफा है? और यदि ग्रामीणों के आरोप सही हैं, तो आखिर छात्रों की शिक्षा और छात्राओं की सुरक्षा की कीमत पर यह व्यवस्था कब तक चलती रहेगी? प्रशासन की कार्रवाई पर अब पूरे क्षेत्र की नजरें टिकी हुई हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट 'द प्राइम एक्सप्रेस'
संवाददाता — अर्पित सेन
7806077338



Post a Comment